रीवा जिले का टोंस वॉटरफॉल बीते पांच सालों से पर्यटकों के लिए बंद पड़ा है। लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया पर्यटन केन्द्र अब जर्जर हालत में है। वन विभाग की लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण इस लोकप्रिय स्थल को दोबारा चालू नहीं किया जा सका है।
रीवा में दो दिवसीय पर्यटन कान्क्लेव के आयोजन से विंध्य क्षेत्र के जलप्रपातों और प्राकृतिक स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी है। पुरवा, चचाई, क्योटी और बहुती जैसे जलप्रपातों को टूरिज्म कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। होटल, ट्रैवल और एयरलाइन निवेशकों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री खुद इस योजना की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे।














